Thursday, December 3, 2009

इत्तेफाक

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जद इबादत नी कीतियां, ते तू नाल नाल सी
जद इबादत सिख लीतियां, ते रुख्सत ले चल्ला ए
जद सब कुछ सी पल्ले, ते दुनिया सी मेरे वल
हुण तेनू दे दिता ए, तो फुर्सत दे चल्ला ए

कुछ छडड्या नी पल्ले, कदी मंगया वी नी तू
दस्स किददां दी फिर मेनूं, चाहत दे चल्ला ए
मंगण लगयां जे मैं सी, कुछ याद नी सी ऑंदा
राह इश्के दी पाके, जज्बात ले चल्ला ए

कच्चे प्यार दी नी सन, जेडी पाइयां ने पींगां
विच आग दे बिठा के, बरसात ले चल्ला ए
विछोड़ा एहो जेहा लाया, कि मार मुक सुट्टेया
जिस्म रह गया कल्ला, जान साथ ले चल्ला ए

प्यार दी बाजी, लगेया मैं सी जित लिती
शेह लगदी सी मेरी, तू मात दे चल्ला ए
लुकाये लुक नी है सकदी, दस्सां गल्ल नियो बनदी
अनोखी जेडी प्यार दी, सॉगात दे चल्ला ए
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Thursday, September 17, 2009

ईंतजार

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ईंतजार
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चर्चे तेरे आने के सुनने में आने लगे हैं
ये गुल और गुल्शन गुनगुनाने लगे हैं
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हसरत भरी निगाहें लिये कई यूं चल बसे
तुमको मनाने में हम को ज़माने लगे हैं
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तेरे इश्क का जादू ऐसा छाया मेरे चेहरे पर
अश्क भी आखों से फुस्फुसाने लगे हैं
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हवा भी तेरी खुशबू लिए आ रही है
पत्थर भी दिल को बहलाने लगे हैं
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खफ़ा रहने की अब फुरसत किसे है
पुराने रकीब दिल में समाने लगे हैं
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बयां क्या करूं हाल - ए - दिल सबके आगे
लफ़्ज मेरी गज़ल से गुम जाने लगे हैं
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लिये पत्थर हाथों में ढूंढ़ा करते थे मुझको
अजीब तो नहीं, सब लगने दीवाने लगे हैं
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मिला उन्हीं को - है जिन्होंने ढूंढा
जहां ज़ाहिर नहीं था वहां पाने लगे हैं
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शौकीन हैं जो मुर्दा जिस्म के
सोयी रूह को अपनी, जगाने लगे हैं
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मदहोशी का आलम ये जो हरसू है यारो
मेरे - तेरे अंदर ही ये मेहखाने लगे हैं
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यारा - ए - कूचा मे अरमानों की डोली
राज़ - ए - इश्क तेरा यूं सजाने लगे हैं
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अब आओगे तो यूं जाने ना देंगे
की आने में तुमको ज़माने लगे हैं
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मुझे कत्ल कर देना, चढा देना सूली
पर अब ये ना कहना कि - जाने लगे हैं
पर अब ये ना कहना कि - जाने लगे हैं
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चर्चे तेरे आने के सुनने में आने लगे हैं
ये गुल और गुल्शन गुनगुनाने लगे हैं
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Dear Master
I am more than thankful to YOU
for accepting me with all my faults.

Love
- N