दर्दां मारेया माहिया मेरे दर्द छुड़ा
मैं यूं दर दर मर रही, हुण दरस दिखा
चन्गियां लगदियां सी तेरे वान्झों दुनिया दी सूरतां
मंगदी रहियां तेरे तों दुनिया भर दी सोहबतां
हुण तेनु कीवें पावां, ए दस के जा
दर्दां मारेया माहिया मेरे दर्द छुड़ा
तेरे दर दे पत्थर रंग गुलाबी सारे
मैं जे सर देवां अपणा पै जाणे सारे कारे
रंग बसंती प्यार दा हुण मेनु पा
दर्दां मारेया माहिया मेरे दर्द छुड़ा
काबिल नहियों नजर तों तेरे दीदार दे
तेरी इनायत होयी कि बैठा मेनु ही प्यार दे
एन्ना चिर क्यूं फिर रही, हुण लेके जा
दर्दां मारेया माहिया मेरे दर्द छुड़ा
तेरे हुक्मे रेहंदियां हर पत्ती एक डाली
मैं फूल क्यूं सुखदा, जे तूहियो माली
देदे तेरा प्यार बना बूटा इश्के दा
दर्दां मारेया माहिया मेरे दर्द छुड़ा
लोकां दिसे रांझड़ा, मैं बनी दिवानी हीर
गम अपणे सारे भुल गये उठी इश्के दी पीर
तू ही मेरा मर्ज हुण कुछ दे दवा
दर्दां मारेया माहिया मेरे दर्द छुड़ा
बिन तेरे दीदार तों सोझी गयी सारी
मिल जावे जो हुण मेनु मुके मुश्किल भारी
बन कुत्ती एथे मैं फिरां हर कल्ली थांह
दर्दां मारेया माहिया मेरे दर्द छुड़ा
दर्दां मारेया माहिया मेरे दर्द छुड़ा
मैं यूं दर दर मर रही, हुण दरस दिखा
-----------------------------------------------------------------
Dear Master
Remove my pain of separation and show your divine self
regards
- N
2 comments:
nice blog and good post yaar very nice
Site Update Daily Visit Now And Register
Link Forward 2 All Friends
shayari,jokes,recipes and much more so visit
copy link's visit
http://www.discobhangra.com/shayari/
"bin tere didar toN sojhi gyi sari
mil jaave jo hun mainu........"
huzoor ! eh taaN kamaal di rachna pesh keeti
tusi te...
ik ik akkhar khud bol ke apne vain pya kholda ae...mn`ch kite dungiaaN utardi aes kavita lyi
mubarakbaad ji........
---MUFLIS---
Post a Comment