Monday, June 6, 2011

दीदार

बाकी कहन्दे मरदे रहिये, जदों वी रहिये ज्यूंदे हू
असां तां मंगदे दीद तेरी, अखरू नित नित पींदे हू

पल पल रोना, पल पल मरना, किसनू ज्यूंदे दिसदे हू
तेरे भाणे करके चन्ना, दुनिया दी चक्की पिसदे हू

लक्खां मिसालां दुनियां दी, कोई एक सिरे ना चढ्दी हू
ओ ना रहन्दा किसे वी जोगा, तेरी नज़र जिसे ते पडदी हू

आलम तेरी कद्र है पांव्दा, मिटे रोग जिस्मानी हू
मोये मित्र वी उठ जांव्दे, चेहरा देख नूरानी हू

मरना है इक मुश्किल भारी, देखदे सारे कहन्दे हू
आज़ादी हासिल ओन्हानू होंवे, तेरे लारे रहन्दे हू

तेरे इश्क दा मी पी पी के, प्यार वाला फल पकदा हू
जिसे वी लग्गी इश्क बिमारी, दीद बिना नी रह सकदा हू

जो वी मन्गदे ओह है मिलदा, खैरातां मिलदियां सारी हू
जिन लग्गी ओह कह्न्दे तुर गये, दीद इक दा मुल भारी हू

जे तूं नि दिसना, असां रोन्दे रहणा, ते लोकि पावण हासा हू
जो कुछ मिलना तेरी अंखियां चों, बाकी जग तमाशा हू
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1 comments:

Varun Joshi said...

Tere ishq da mul a bhari,jin dita oh v roiya jin na dita oh v roiya hu.
Jin dita oh tere kol sadha hi, jin na dita oh sutiya mur chorasi hu.

Banda baniya ta c tenu pan lai, aaje tak ta tu na milliya hu.
Hun Hor na sta aa mill ja tu,ta jo main v akaha han bas ek tu hi tu.

Bin dekhiya ek pal sarda naahi, dekha ta gum hor v dadha hu.
Tenu dekh k kuj hor disda naahi, jidar dekha oder tu andar bahar tu hi tu.